जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मांगे 22,000 अतिरिक्त जवान, घाटी में 200 आतंकवादी होने की आशंका
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पूरे मार्ग में तैनात करने के लिए कम से कम साढ़े बाइस हजार अतिरिक्त अर्ध सैनिक बलों की मांग की है। वार्षिक अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है।
अधिकारियों ने आज बताया कि पूरे यात्रा मार्ग में सुरक्षा के लिए तीर्थ यात्रियों के संचालन की उपग्रहों के जरिए निगरानी, जैमर लगाने, सीसीटीवी कैमरे और बुलेटप्रूफ बंकर, डॉग स्क्वायड की तैनाती जैसे उपाए किए जाएंगे। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लागू करने के लिए सेना, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को शामिल किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने यात्रा मार्ग में तैनाती के लिए अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 225 कंपनियों की मांग की है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस दौरान उन्हें बताया गया कि तीर्थयात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई चरण की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है।
इस वर्ष कम से कम 40,000 जवान तैनात किए जाने की उम्मीद है। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, कश्मीर घाटी में करीब 200 आतंकवादी सक्रिय हैं।
अधिकारियों ने आज बताया कि पूरे यात्रा मार्ग में सुरक्षा के लिए तीर्थ यात्रियों के संचालन की उपग्रहों के जरिए निगरानी, जैमर लगाने, सीसीटीवी कैमरे और बुलेटप्रूफ बंकर, डॉग स्क्वायड की तैनाती जैसे उपाए किए जाएंगे। इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को लागू करने के लिए सेना, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को शामिल किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने यात्रा मार्ग में तैनाती के लिए अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 225 कंपनियों की मांग की है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले सप्ताह जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस दौरान उन्हें बताया गया कि तीर्थयात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई चरण की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है।
इस वर्ष कम से कम 40,000 जवान तैनात किए जाने की उम्मीद है। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक, कश्मीर घाटी में करीब 200 आतंकवादी सक्रिय हैं।
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