इन्दौर राजस्व समिक्षा
इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारीयों को जल्द से जल्द राजस्व के लंबित प्रकरण निपटाने की सख्त हिदायत दी गई है| हाल ही में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी सीएम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है| इसका असर दिखने लगा है| मुख्य सचिव बीपी सिंह ने इंदौर की राजस्व समीक्षा के दौरान एसडीएम श्रृंगार श्रीवास्तव, अजीत श्रीवास्तव, संदीप सोनी तथा तहसीलदार राजेश सोनी को बैठक में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। दो अन्य को नोटिस जारी किए।सभी को कल की गयी औचक जाँच के बाद गड़बड़ी पर निलंबित किया गया है। इसके आदेश संभागायुक्त संजय दुबे ने जारी किये है|
सालो से लंबित प्रकरणों को बेवजह निरस्त करने के परिणामस्वरूप यह कार्रवाई की गई है| बीपी सिंह ने 2 माह में सभी को कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए ये भी साफ किया है कि अगर सुधार नही आया तो बड़े स्तर पर सर्जरी की जाएगी। समीक्षा के इस दौर में जब इंदौर के मामले पर चर्चा हो रही थी तो अपने कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण इंदौर के SDM संदीप सोनी अजीत श्रीवास्तव और श्रंगार श्रीवास्तव को निलंबित करने का आदेश दिया इसके साथ ही तहसीलदार राजेश सोनी को भी निलंबित करने का आदेश दिया है इसके अलावा तहसीलदार दर्शनी सिंह और अशोक देवरिया को शोकाज नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है|
मुख्या सचिव लगातार संभागों में जाकर राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे हैं | लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गाज गिरी है| वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों को जिलों में परफॉर्मेंस सुधारने के लिए एक महीने का वक्त दिया है। मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों को राजस्व, अवैध उत्खनन, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कानून-व्यवस्था, गरीब कल्याण वर्ष के कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े लक्ष्य गिनाए। साथ ही कहा कि एक महीने बाद सभी जिलों के कामकाज का आंकलन किया जाएगा। जिन जिलों का परफॉर्मेंस खराब होगा, वहां के अफसरों पर गाज गिरेगी।
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