Header Ads

test

NIA उजागर करेगा आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का सच, अगले हफ्ते भारत आ रहे FBI के निदेशक

 NIA उजागर करेगा आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का सच, अगले हफ्ते भारत आ रहे FBI के निदेशक


संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर रे के अगले सप्ताह भारत दौरे पर आने की उम्मीद है। इस मामले को लेकर भारत ने भी कमर कस ली है। सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस मुद्दे को उठाने वाली है। रे अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और एनआईए दोनों के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
आतंकी पन्नू की हत्या के साजिश के मामले पर एफबाआई अधिकारियों से एनआईए बात करेगा

HIGHLIGHTSएफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे आ रहे भारत
भारत की ओर से राष्ट्रीय जांच एजेंसी इस मुद्दे की करेगी जांच
भारत ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया

एएनआई,नई दिल्ली। खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में जांच के लिए अमेरिकी अधिकारी भारत आने वाले हैं। अमेरिका ने दावा किया कि एक भारतीय नागरिक ने आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या करने की साजिश रची। वहीं, भारत सरकार के किसी अज्ञात अधिकारी के शामिल होने का आरोप भी लगाया।



सीबीआई और एएनआई से मुलाकात करेंगे अमेरिकी अधिकारी

संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर रे के अगले सप्ताह भारत दौरे पर आने की उम्मीद है। इस मामले को लेकर भारत ने भी कमर कस ली है। सूत्रों के मुताबिक, भारत की ओर से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) इस मुद्दे को उठाने वाली है।

सूत्रों ने कहा कि उम्मीद है कि रे अपनी भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और एनआईए दोनों के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

रत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने बुधवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम में एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे की अगले सप्ताह यात्रा की पुष्टि की।
कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?

गुरपतवंत सिंह पन्नू एक अमेरिकी कनाडाई नागरिक है। वह आए दिन न्यूयॉर्क में रहकर भारत के खिलाफ जहर उगलते रहता है। पन्नू के खिलाफ साल 2019 में एनआईए ने पहला मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के लिए भारत ने हाई लेवल कमेटी का किया गठन

खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू को लेकर अमेरिका के आरोप का भारत ने सम्मान किया है। भारत ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। भारत के इस फैसला का व्हाइट हाउस ने भी सराहना की है।

No comments