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किसके सिर सजेगा ताज?... नए मुख्यमंत्री की चिंता छोड़ Mission 2024 की तैयारियों में जुटे शिवराज

 किसके सिर सजेगा ताज?... नए मुख्यमंत्री की चिंता छोड़ Mission 2024 की तैयारियों में जुटे शिवराज





Lok Sabha Election 2024 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दिल्ली तक इन दिनों हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि कौन बनेगा मुख्यमंत्री। शिवराज सिंह चौहान ऐसे हैं जो इस बात से निश्चिंत है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। हमेशा गीता के श्लोक के जरिए अपनी बात कहने वाले शिवराज अपने कर्म में व्यस्त हैं। वे सीएम की दौड़ से दूर नए लक्ष्य में जुट गए हैं।

जेएनएन, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दिल्ली तक इन दिनों हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि ''कौन बनेगा मुख्यमंत्री'। हालांकि कोई भी इस सवाल का उत्तर नहीं दे पा रहा है। दावेदार भी अपनी संभावनाओं को तलाशते हुए दिल्ली में परिक्रमा में व्यस्त हैं। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ऐसे हैं, जो इस बात से निश्चिंत है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। हमेशा गीता के श्लोक के जरिए अपनी बात कहने वाले शिवराज अपने कर्म में व्यस्त हैं। वे सीएम की दौड़ से दूर नए लक्ष्य में जुट गए हैं।

कमलनाथ के गढ़ में पहुंचे शिवराज

वह है मप्र में लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटों पर विजय हासिल करना। इसके लिए शिवराज बुधवार को कमल नाथ के गढ़ में पहुंच गए। वहां उन्होंने सभी भी की और कहा कि मैं आपके लिए मुख्यमंत्री नहीं हूं। अपन तो भैया और मामा हैं। इसके आगे दुनिया के सारे पद बेकार हैं। स्वर्ग का सिंहासन भी बेकार है। जब तक सांस है, आपकी सेवा में लगा रहूंगा। मप्र की जनता मेरी भगवान है। उन्होंने कहा कि हम मध्य प्रदेश का मिशन 29 शुरू कर रहे हैं। इसका मतलब मप्र में लोकसभा की 29 सीटें जीतने से है।

मामा तो घूम रहा है, दादी यहीं फंसे रह गए

पिछली बार छिंदवाड़ा रह गई थी। इस बार मिलेगी। पिछले चुनाव में भाजपा ने राज्य की 28 सीटें जीती थीं। कसक छिंदवाड़ा में रह गई थी, जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ का गढ़ कहा जाता है। यहां से उनके पुत्र नकुल नाथ सांसद हैं। शायद यही कारण है कि अभी नई सरकार का गठन भी नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छिंदवाड़ा पहुंच गए। बुधवार को लाडली बहना व कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मामा घूमता रहा, दादा यहीं फंस गए। कमल नाथ पर निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा कि जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें ऐसा फंसाया कि छिंदवाड़ा से दादाजी कहीं निकले ही नहीं। मामा तो घूम रहा था और दादा यहीं फंसे रह गए। भाजपा की एकतरफा जीत हुई।

163 सीटों भाजपा की झोली में

उन्होंने कहा कि मैं कभी चुनाव के दौरान अपने निर्वाचन क्षेत्र बुदनी नहीं गया। लोगों ने कह दिया था कि आपको एक लाख से ज्यादा वोटों से जिताएंगे, आप तो सरकार बनाओ। मैंने भी वादा निभाया। प्रदेश में 163 सीटें लाकर भाजपा की झोली में डाल दीं।। लाड़ली बहनों की जीत मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लाड़ली बहनों की जीत है। लाड़ली बहनों के बाद अब अभियान होगा लखपति बहना। हर बहन को हर महीने दस हजार रुपये से ज्यादा मिलेंगे। साल में एक लाख रुपये से ज्यादा बहनों की आमदनी हो, यह मैं करके रहूंगा। इसके बिना चैन की सांस नहीं लूंगा।

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